मुक्केबाज़ी
वज़न का घाटा, कट का दस्तावेज़: भारतीय मुक्केबाज़ी की ओलंपिक राह पर शरीर की असली कीमतमेरी स्पाइरल नोटबुक में एक प्रविष्टि है जिसे मैंने पूरा नहीं छापा। फ़रवरी 202...
51 से 50 किलो: भारतीय मुक्केबाज़ी में वज़न की लकीर और शरीर का बिलसुबह 7:52 बजे वज़न-इन का पर्चा आता है। एक भारतीय मुक्केबाज़ का वॉक-इन वज़न 52...
पेरिस 2026 मुक्केबाज़ी: छह कोटा, शून्य पदक — ड्रॉ शीट और कैंप कैलेंडर के बीच का सचपांच अगस्त 2026। नॉर्थ पेरिस एरिना का रिंग नंबर दो। 71 किग्रा क्वार्टरफाइनल क...
वज़न बदला, पोस्टिंग नहीं: पेरिस के बाद भारतीय मुक्केबाज़ी का असली गणितमई की शाम, पटियाला के ट्रायल हॉल में तराज़ू के ठीक बगल में एक A4 शीट रखी थी।...
छह नाम, सात खाली खाने: पेरिस की एंट्री लिस्ट में वह फर्क जो मेडल टेबल नहीं दिखाताकॉरिडोर की घड़ी चार मिनट आगे चल रही थी, और किसी ने उसे ठीक नहीं किया। नवंबर...
बॉक्सिंग का बहीखाता: पेरिस का शून्य, छह क्वोटा और बदलती हुई सत्ता का हिसाबपेरिस, अगस्त 2026। 71 किग्रा क्वार्टरफाइनल खत्म होते ही स्कोरबोर्ड पर पांच मे...
भारतीय मुक्केबाज़ी का असली ट्रांसफर विंडो रिंग में नहीं, वेट-क्लास रजिस्ट्री और सर्विस पेरोल में चल रहा हैअगस्त 2026, पेरिस। निशांत देव 71 किलो के क्वार्टर फाइनल में मेक्सिको के मार्क...
तराज़ू पर तय होती है ज़िंदगी: भारतीय मुक्केबाज़ी का असली विरोधी वेट क्लास हैनवंबर 2026, दिल्ली का इंदिरा गांधी इंडोर स्टेडियम। 48 किलो फाइनल से पहले मैरी...
पटियाला का तराज़ू, खाली हॉल और LA28 की वज़न-श्रेणी: भारतीय मुक्केबाज़ी का असली चयन-काग़ज़सुबह 6:41 बजे पटियाला के SAI NIS हॉल में तराज़ू चालू होता है। कतार में ग्यारह...
वज़न बदल गए, पोस्टिंग नहीं बदली: पटियाला के कैंप रजिस्टर से पेरिस-बाद की कहानीपटियाला के एनआईएस हॉस्टल की पहली मंज़िल पर, वेट-ट्रेनिंग रूम के दरवाज़े से बा...
दो किलो की सरहद: भारतीय मुक्केबाज़ी में करियर का फ़ैसला तराज़ू नहीं, वज़न वर्ग की शीट करती हैमार्च 2026, इंदिरा गांधी स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स, नई दिल्ली। महिला विश्व...
पाँच विश्व स्वर्ण, तीन गैर-ओलंपिक भार वर्ग: भारतीय मुक्केबाज़ी का असली ड्रॉ फ़ेडरेशन की फ़ाइल में हैपेरिस ओलंपिक के मुक्केबाज़ी ड्रॉ में भारत के छह नाम थे और छहों अलग-अलग भार...
